
उड रहे रंग अबीर गुलाल
होली खेल रहे नंद लाल ।
गोपी ग्वाले दंग हो गये
श्रीरंग के रंग में खो गये
हवा वसंती लगी डोलने
हिलोरें उठीं प्रेम-रस-ताल । उड रहे....
मगन हो रहीं वृक्ष लताएँ
लिख कर फूलों की कविताएँ
भौंरे गुनगुन गीत सुनाते
बसंत की बाज रही खडताल । उड रहे....
मना रही गोकुल में होली
बरसाने की राधा भोली
कनखी से देखे वनमाली
मगन सब गोपी ग्वाल बाल । उड रहे....
आज का विचार
दुनिया में अच्छे लोग ज्यादा हैं और बुरे कम इसीसे दुनिया चलती रहती है ।
स्वास्थ्य सुझाव
मेथी का साग फेफडों के स्वास्थ्य के लिये गुणकारी है ।