हम बोले तो बडबोले
वे बोले, वाह, क्या बोले !
कौन किसी की सुनता है,
सब अपनी अपनी बोले ।
उनसे कल क्या बात हुई,
जो तेरा तन मन डोले ।
काम गती पकडे कैसे,
गाडी खाये हिचकोले.
रानी हुकुम चलाये तो,
मंत्री प्रधान क्या बोले ।
महंगाई ऊपर चढती
रुपया नीचे को होले ।
टिप्पणियां जो कम आयें,
ब्लॉगर यूँ मन को खोले ।
लिक्खूं या फिर ना लिख्खूं
मन इस दुविधा में डोले ।
समय से सब सही होगा,
धीरे धीरे हौले हौले ।
चित्र गूगल से साभार ।
