गुरुवार, 11 अक्तूबर 2007

हे देवी

हे समस्त जीवों की माता, दया, क्षमा, शांति रूपिणी
सब जीवोंमें तुम ही स्थित हो, दुर्गे मांगल्यकारिणी
शक्तीरूप तुम, भक्तीरूप तुम, कांतिरूप तुम ही भ्रांति
वीरों की आराध्या, तुम ही माया, छाया, सरस्वती



सिंहारूढा, असुर नाशिनी, तुम ही कष्टों की निवारिणी
भक्तिप्रिया तुम भक्त वत्सला, तुम ही सौभाग्य दायिनी
महेश्वरी तुम ही महाकाली, तुम ही सूक्ष्म स्वरूपिणी
सुमंगली, भैरवी, सती तुम, तुम ही माँ विघ्न नाशिनी
नवरात्री के शुभ पर्व पर तुमको माँ शत शत प्रणाम
आशिर्वाद रूप में देना भारत को सर्व-गुणी संतान




आज का विचार
अच्छा विचार चिर-स्थायी है



स्वास्थ्य सुझाव
हीमोग्लोबीन बढाने के लिये खाने में साबुत मूँग का प्रयोग करें .
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