मंगलवार, 16 सितंबर 2008

मौसम की पायल


ये कौन गुनगुनाया
हवा पे गीत आया
लहर बन के छाया
डालियाँ भी देखो लरजने लगीं
मौसम की पायल बजने लगी

पानी में तरंगे
आकाश में पतंगे
मन में उमंगे
उमड उमड कैसे मचलने लगीं
मौसम की पायल बजने लगी

कलियाँ लगीं खिलने
फूल मुस्कुराने
बुल बुल तराने
में, प्यार के फसाने सुनाने लगी
मौसम की पायल बजने लगी

अलसाई दुपहरी
धूप खूब गहरी
शाम ठहरी ठहरी
सहेलियाँ ठिठोली देखो करने लगीं
मौसम की पायल बजने लगी

चांद और बादल
नैना और काजल
चुनरी शामल शामल
तारों भरी रात देखो सजने लगी
मौसम की पायल बजने लगी


आज का विचार
अगर हम हर कार्य खुशी से करेंगे तो
हमें कोई भी कार्य कठिन नही लगेगा ।

स्वास्थ्य सुझाव

दांत को कीडे से बचाने के लिये १ चम्मच गुलाब जल में
१/४ चम्मच काला नमक, १/४ चम्मच पिसी काली मिर्च, १/4 चम्मच हल्दी
मिला कर मालिश करें ।
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