शनिवार, 27 सितंबर 2008

दर्द

इस दर्द का करें क्या कि सहा नही जाता
दर्द को दिये बिन, उनसे रहा नही जाता ।

तनहाई है कि चिल्ला चिल्ला के कह रही है
यह बोझ अकेले से सम्हाला नही जाता ।

अब किससे करें बात, क्या किसको बतायें
ये हाले-दिल किसी से कहा नही जाता ।

हम अपने दर्द की कहें या उनकी भी सुनें
इस कहने सुनने में भी कुछ बहा नही जाता ।

शायद हो कि ये दर्द ही बन जाये दवा अब
हम से तो इसका कुछ भी किया नही जाता ।


आज का विचार

जो आदमी दूसरों को दुख देता है क्या वह कभी सच्ची खुशी पा सकता है

स्वास्थ्य सुझाव
यकृत (लिवर) को स्वस्थ रखने के लिये एक कप अनार के रस में आधा चम्मच हल्दी और आधा चम्मच सेंधा नमक डाल कर दिन में ३ बार लें ।
एक टिप्पणी भेजें