शनिवार, 20 जुलाई 2013

उदासी

अवि-वर्षा की शादी को इस साल १० जुलै को २५  वर्ष पूरे
हुए । अवि (अवनींद्र) मेरा भांजा है । मैं उनके फेस बुक पर
उनके लिये बधाई मेसेज छोडना चाहती थी । वहां अवि के
अकेलेपन को लेकर लिखे हुए कुछ शब्द देख कर मन तो कैसा
कैसा हो गया । अवि अपना बिझिनेस चलाता है और वर्षा दूसरे
शहर में गायनेकोलॉजिस्ट है । घर-संसार चलाना है, दोनो
अपनी अपनी जगह रह कर चला रहे हैं ।

अवि की मनस्थिति कुछ इन शब्दों में बयां हो सकती है ।



अकेलापन मेरा मुझसे, सवाल अक्सर ये करता है,
कि अब घर जाना होगा कब, उदासी घेर लेती है ।

मै अपनी तनहाई में अक्सर खोया रहता हूँ
तुम्हें जब याद करता हूं, उदासी घेर लेती है .

इस मेरी मजबूरी में तुम्हारा साथ ना होता
सोच कर कैसे मैं जीता, उदासी घेर लेती है ।

वो बच्चों की सफलता पर तुम्हारे साथ ना होना
और उनका रूठना मुझसे, उदासी घेर लेती है ।

मिलना दो दिनों का और लंबी सी जुदाई फिर
वापसी पर हमेशा ये उदासी घेर लेती है ।

जिंदगी क्या यही है और ऐसी ही आगे है क्या चलना  
इन खयालों के आते ही उदासी घेर लेती है ।

और जब कभी अचानक से तुम आकर के मिलती हो
बादलों में उदासी के, ऱोशनी झिलमिलाती है ।

जिंदगी जो मिली है हँस के ही इसको निभा लेंगे ,
जियें और मुस्कुरायें तो उदासी भाग जाती है ।



बधाई अवि और वर्षा
तुम साथ साथ रहो हमेशा ।




17 टिप्‍पणियां:

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

विरह प्रेम को गाढ़ा करता है, पर इतना भी नहीं कि पीड़ा बन जाये। युगल को शुभकामनायें..

GYANDUTT PANDEY ने कहा…

जय हो, जियें और मुस्कुरायें दम्पति!

Anupama Tripathi ने कहा…

मन के बहुत सुंदर उद्गार ....मेरी भी शुभकामनायें ...दोनों को ....

संजय भास्‍कर ने कहा…

वाह ... लेखन का यह बेहतरीन अंदाज ... उत्‍कृष्‍ट अभिव्‍यक्ति की रचना करना

kshama ने कहा…

Warsha aur Aviko bhavishya ke liye anek shubhkamnayen!

ब्लॉग बुलेटिन ने कहा…

ब्लॉग बुलेटिन की आज की बुलेटिन अमर क्रांतिकारी स्व॰ श्री बटुकेश्वर दत्त जी की 48 वीं पुण्य तिथि पर विशेष - ब्लॉग बुलेटिन मे आपकी पोस्ट को भी शामिल किया गया है ... सादर आभार !

कालीपद प्रसाद ने कहा…

सुन्दर विचार सुन्दर अभिव्यक्ति- युगल को शुभकामनायें
latest post क्या अर्पण करूँ !
latest post सुख -दुःख

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

हार्दिक शुभकामनायें ..... सुंदर भाव संजोये हैं ....

प्रतिभा सक्सेना ने कहा…

वे दोनो बराबर एक दूसरे के साथ को अनुभव करते हुए सुखमय जीवन बितायें !

ताऊ रामपुरिया ने कहा…

अवि और वर्षा को हार्दिक बधाई और शुभकामनाएं. आपने बहुत ही सुंदर उदगार अभिव्यक्त किये हैं.

रामराम.

अनुपमा पाठक ने कहा…

शुभकामनाएं उन्हें!

Suman ने कहा…

मेरी और से भी अवि,वर्षा जी को हार्दिक
शुभकामनायें देर से ही सही, … बहुत सुन्दर रचना है !

ZEAL ने कहा…

very touching creation.

सुशील ने कहा…

बहुत सुंदर अभिव्यक्ति !
अवि और वर्षा के लिये शुभकामनाऎं !

Virendra Kumar Sharma ने कहा…

तदानुभूति की सशक्त अनुभूति करवा दी आपने। ॐ शान्ति।

वर्षा ने कहा…

ये पढ़कर तो उदासी खुद ही घिर जाएगी

वर्षा ने कहा…

ये पढ़कर तो उदासी खुद ही घिर जाएगी