गुरुवार, 29 अक्तूबर 2009

ये मुझे क्या हुआ ?



पंछी नये गीत गाने लगे
फूल बगिया को महकाने लगे
कैसे मेरे दिन लहराने लगे ?
ये मुझे क्या हुआ,
किस पवन ने छुआ ।
चाल मे नई बिजली सी भर गई
बालों में अनोखी महक भर गई
आखों में अजीब सी चमक भर गई
ये मुझे क्या हुआ,
किस पवन ने छुआ ।
चेहरे पे नये भाव छाने लगे
कैसे बदलाव मुझ मे आने लगे
अच्छे भी लगे और डराने लगे
ये मुझे क्या हुआ,
किस पवन ने छुआ ।
बिना कारण ही हंसी आने लगी
दर्पण देख देख मैं शरमाने लगी
सहेलियां भी मुझको सताने लगीं
ये मुझे क्या हुआ
किस पवन ने छुआ ।
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