गुरुवार, 29 मई 2008

तुम आओ तो

फूल भी खिलेंगे
तारे निकलेंगे
चांद चमकेंगे
खयाल बहकेंगे
तुम आओ तो

सावन बरसेगा
बादल गरजेगा
चमकेगी बिजुरिया
जिया लहकेगा
तुम आओ तो

शरद की सुहानी
चांदनी खिलेगी
कच्ची गुनगुनी
धूप निकलेगी
अकारण ही मेरी
पायलिया बजेगी
तुम आओ तो

सरदियों की शाम
अंगीठी जलेगी
शाल ओढ कर
अम्मा मटर भूनेगी
चाय की गरम गरम
प्यालियाँ चलेंगी
तुम आओ तो

हम तुम मिलेंगे
मन महकेंगे
नदी के किनारे फिर
संग संग चलेंगे
सारे के सारे गिले
प्यार में डूबेंगे
तुम आओ तो

आज का विचार
हमारा ईमान ही हमारा सबसे अच्छा दोस्त है । उसे बार बार सुनना जरूरी है ।

स्वास्थ्य सुझाव
आधीशीशी का सरदर्द यानि माइग्रेन से राहत के लिये रोज रात को सोने से पहले बादाम तेल की २ -२ बूंदे नाक में डालें ।
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