बुधवार, 7 नवंबर 2007

....यात्रा ए हवाई....


हवाई जाने का प्लान बनते ही मन जैसे हवा में तैरने लगा, और अचानक ही होटों पे आ गया वो गीत, कहते हैं मुझको हवा हवाई, हवा हवाई, हवा हवाई, हवा हवाई । वैसे पहले ही देख लिया था कि आस पास कोई नही है......... । तय हुआ कि हम चारों- मैं, सुरेश, सुहास और विजय (सुरेश के बहन और बेहनोई ) जायेंगे ताकि हम अपने तरीके से सफर का मन मुराद आनंद ले सकें । सम वयस्क होने का यही तो फायदा था । सुहास और विजय को वॉशिंगटन (डी सी )से आना था और हम दोनो को बॉस्टन(Massachusets) से । तो सोचा कि हम Los Angeles (एल ए ) में मिलेंगे वहाँ थोडा घूम-फिर लेंगे और वहीं से लेंगे होनोलूलू की उडान ।
यहां क्लीक करे और बॉस्टन से होनोलूलू व्हाया एल ए ( Los Angeles), गुगल मॅप देखे

तो तैयारी करके हमने अपनी यात्रा शुरू की । और पहुँच गये एल ए. । वहां पर एक दिन सतीश और फे (विजय के भाई और भाभी) की मेहमान नवाजी़ का लुत्फ उठाय़ा और उनके साथ घूमे युनिवर्सल स्टुडिओ, जो कि हॉलिवुड में ही स्थित है । वहाँ देखा और जाना कि मूवी कैसे बनती है सेटस् कैसे होते है, एक्सिडेन्ट्स कैसे शूट करते हैं, और मौज मस्ती कैसे की जाती है । यही सब हमने पिछले साल हैदराबाद के रामोजी स्टुडिओ में भी देखा था, छोटे पैमाने पर ।

यहां क्लिक करिये और चित्र देखें, युनिवर्सल स्टुडिओ, हॉलिवुड


दूसरे दिन सुबह ९ बजे की उडान थी हमारी । वेस्ट कोस्ट का समय ईस्ट कोस्ट से ३ घंटे पीछे होता है मतलब बॉस्टन समय से ६ बजे । हवाई का समय तो एल ए से भी
६ घंटे पीछे होता है । सारी खानापूरी करके हम अपने सफर की उडान पर चले । हमारी एयर लाइन थी एयर-ट्रान । होनोलूलु हम पहुंचे ११ बजे वहाँसे हमे जाना था कवाइ जो हवाइयन द्वीप समूह में से एक द्वीप है । हवाइयनद्वीप समूह में वैसे तो १०७ द्वीप हैं पर उनमें केवल ६ ही बसे हुए हैं । ये हैं बिग आयलेंड, मावी, कवाइ, ओहू, लनाई और मोलोकाई ।
यहां क्लिक करिये और सुनिये हवाई का संगीत,
(MP3 Files on server plays well with RealPlayer..Thanks)हरेक की अपनी अपनी विशेषता है । जैसे बिग आयलेंड में ज्वालामुखी देखने को मिलते हैं, परंतु खूबसूरती में सारे ही द्वीप एक जैसे हैं। खूबसूरत बीचेज, समंदर का नीला पानी, रेशमी रेत और तरह तरह के फूल और पत्ते कुछ परिचित और कुछ एकदम नये, और हाँ कोरल्स भी । हमने सुना था कि ज्यादा एक्टिविटीज आप कवाइ में कर सकते हैं इसी से हमने यहीं पूरा हप्ता बिताने की बात सोची । छह दिन छह जगह घूमने की न तो ताकद थी न ही बजट़ आखिर बच्चों को कितना परेशान करते! कवाई में अजय (सुहास का बेटा) का टाइम शेअर का फ्लेट भी था तो रहने का इंतजाम था ही ।
तो हवाई की राजधानी होनोलूलू में न रुकते हुए हमने कवाई के लिये आलोहा एयर की फ्लाइट ली १२:५० की और पहुँच गये कवाई १:३० बजे । आलोहा हवाई का अभिवादन है, जैसे हैलो या नमस्ते । कवाई एयरपोर्ट पर ही हमने एक कार किराये पर ले ली ताकि घूमने फिरने में आसानी हो । कार में बैठे और चल पडे अपने ठिकाने पर, रास्ते में दोनो और की खूबसूरती निहारते हुए । ( क्रमश: )
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