शनिवार, 21 मार्च 2009

अजन्मी संतान हूँ




माँ मुझे तू जान ले पहचान ले
मैं तुम्हारी अजन्मी संतान हूँ ।
हूँ तुम्हारी तरह मैं भी एक नारी
एक अनुपम ईश्वरी वरदान हूँ । माँ मुझे तू जान ले

किसने बनाया ये नियम तुम कुछ तो बोलो
सोच क्या अब भी यहीं तक है तुम्हारी
कि मैं हूँ कमतर एक पुरुष संतान से
इसलिये अभिशाप हूँ अपमान हूँ । माँ मुझे तू जान ले

खोल आँखे देख ले चहूँ और अपने
नारियों नें भी हैं देखे कितने सपने
सिर्फ देखे ही नही सच किया उनको
उनकी तरह मैं भी तो प्रतिभावान हूँ । माँ मुझे तू जान ले

हिम्मत दिखा माँ जन्म लेने दे तू मुझको
मैं ही बँधाऊँगी हमेशा धैर्य तुझको
तेरे लिये भिड़ जाऊँगी संसार से भी
मै कोई लानत नही सम्मान हूँ । माँ मुझे तू जान ले

आज का विचार
नारी पल की पत्नी तथा अनंत काल की माता है ।

स्वास्थ्य सुझाव
कच्चे केले और कच्चे पपीते की सब्जी खायें इससे आपके फेफडों को मजबूती मिलती है ।
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