शनिवार, 7 मार्च 2009

होली


उड रहे रंग अबीर गुलाल
होली खेल रहे नंद लाल ।

गोपी ग्वाले दंग हो गये
श्रीरंग के रंग में खो गये
हवा वसंती लगी डोलने
हिलोरें उठीं प्रेम-रस-ताल । उड रहे....

मगन हो रहीं वृक्ष लताएँ
लिख कर फूलों की कविताएँ
भौंरे गुनगुन गीत सुनाते
बसंत की बाज रही खडताल । उड रहे....

मना रही गोकुल में होली
बरसाने की राधा भोली
कनखी से देखे वनमाली
मगन सब गोपी ग्वाल बाल । उड रहे....

आज का विचार
दुनिया में अच्छे लोग ज्यादा हैं और बुरे कम इसीसे दुनिया चलती रहती है ।
स्वास्थ्य सुझाव
मेथी का साग फेफडों के स्वास्थ्य के लिये गुणकारी है ।
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