मंगलवार, 18 मार्च 2008

....होली है...२

सोनिया राधा लाल है
मनमोहन जी पीले
बायें सूखे हैं खडे
राजद खडे हैं गीले

एन.डी.ए. हो गये हरे
ईर्षा के रंग में
अधिकारी सब मस्त हैं
पॉवर के भंग में

सेना मनसे चाहती
दुष्मन को रुलाना
बसपा का सपना है
विरोधी को सुलाना

सपा तो हो गयी भैया
अब खिसियानी बिल्ली
बुरा न मानो होली है
ऐसे ही मनाती है दिल्ली

आज का विचार

हमारा आज का व्यक्तित्व एक वृक्ष के समान है
जो कल एक बीज था । हमारे आचरण से ही हम
आज के बीजों यानि बच्चों बच्चों को प्रभावित करते हैं।

स्वास्थ्य सुझाव

खाने के बाद एक छोटी इलायची चबा चबा कर खायें
इससे आपके गुर्दे की पथरी को तोडने में मदद मिलेगी
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