गुरुवार, 16 अक्तूबर 2014

....चलते चलो रे 6- वापसी और सैन-फ्रांसिस्को की सैर-....





हमारी बस सुबह साडे छै बजे चल दी। जाते हुए सब वे ही पडाव थे जो आते हुए लगे थे। हमें अर्चना भाभी ने बताया था कि वापसी पर लंच के लिये जहां बस रुकेगी वहां से थोडी ही दूर एक इन्डियन रेस्तरां है। अगर 2-3 लोग जायें तो रास्ता ढूंढने की मुश्किल नही होगी और वहां खाना थोडा अपना जायके का मिलेगा। तो वाकई हमने देखा कि सारे अपने भाई बहन वहीं जा रहे थे तो हम भी साथ हो लिये और वाकई इतने (?) दिनों बाद अपना खाना पा कर और खा कर चैन आ गया।
सैन फ्रांन्सिस्को के पास एक जगह गिलरॉय में बस रुकी वहां लहसन की खेती होती है। वहां एक गार्लिक उत्सव आयोजित किया जाता है जहां लहसन के विभिन्न पदार्थ गारलिक ब्रेड से लेकर गार्लिक पुडिंग और आइसक्रीम तक बनाये जाते हैं। मुझे तो गार्लिक आइस क्रीम सुनते ही अजीब लगा, खाने की तो छोडो। करीब तीन बजे बस सेन फ्रांन्सिस्को पहुंची वहीं से एल ए को जाने वाले लोग अलग बस में चढे  जाने से पहले एक दूसरे से गले मिलना हुआ । सैनफ्रांसिस्को के अलग अलग इलाके में जाने वाले लोग हमारे साथ ही रहे। जब सारे लोग उतर गये तो बस हम छह लोग जिन्हे कूपरटिनो जाना था रह गये वही मां बेटी और बेटी के दो बच्चे। बस ने हमें मरीना सूपर स्टोर के पास उतारा। मकरंद भी पांच मिनिट में आ गया और हम अगले पंद्रह मिनिट में उसके घर।  घर आ कर उत्साह से सब को सारा वृतांत सुनाया। दो दिन और मकरंद के पास रह कर हमें हमारी भतीजी शाश्वती के पास जाना था।
 दो दिन बाद हम गये शाश्वती के घर लोस-अल्टोस (कूपरटिनो) मे गये। यहां से स्टेनफर्ड युनिवर्सिटी काफी पास है और गूगल और एपल कम्पनी के ऑफिसेज भी। उसकी बडी बेटी अमृता माउन्टेन व्यू  हायस्कूल में पढती है जहां बिल गेटस् ने भी पढाई की थी या छोड दी थी। शाश्वती मेरे बडे भाई साहब की बेटी है। भाभी भी वहीं आई हुईं थीं तो हमें थोडा और अच्छा लगा। शाश्वती अपने बेटियों के साथ रोज शाम को दुर्गा आरती करती है तथा  ग्यारा मनाचे श्लोक भी सब मिल कर बोलते हैं। उसकी बेटियाँ हिंदुस्तानी क्लासिकल संगीत भी सीखती है। एक दिन शाम को आरती के बाद उन्होने हमें गाने की एक झलक दिखाई आप भी सुनें। (घर विडियो फोटो)

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शाश्वती हमें दूसरे दिन ले गई एक आर्ट शो में वहां सब चीजों की कीमते तो काफी ज्यादा थीं पर शो में मजा आया और खाना पीना तो हर जगह होता ही है विडियो)।

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 शाश्वती गायनेकॉलॉजिस्ट है पर उसने हमार लिये दो दिन छुट्टी ले ली थी फिर वह हमें शाम को सैन होजे की पब्लिक लायब्रेरी ले गई वहां हिंदी और मराठी की किताबें भी थीं, बहुत ही अच्छा लगा। हमने पांच पांच किताबें चुनी और उसने वे इशू करा लीं। (विडियो art show)
अगले वीक एन्ड शाश्वती और नितिन हमें सैन-फ्रान्सिस्को ले गये हम गये सैन-फ्रान्सिस्को को बर्ड आय व्यू से देखने । वहां बहुत मजा आया। फिर गये गोल्डन गेट ब्रिज देखने। इसके लिये हमने एक क्रूज ले ली थी। उससे बोटिंग भी हो गई और गोल्डन गेट को भी अच्छे से देख लिया (विडियो)। बोट के ऊपर के डेक पर तो बहुत हवा थी  इसलिये हम बैठे तो अंदर पर जब ब्रिज पास आया तो नीचे के डेक पर चले गये और विडियो किया। यह एक सस्पेंशन ब्रिज है जो एक मील चौडी और तीन मील लंबी गोल्डन गेट स्टैट पर बना हुआ है। सैन फ्रान्सिस्को का लैन्ड मार्क है।  यह पुल सैन फ्रांसिस्को शहर को मरीन काउंटी से जोडता है। यह 1937 में बन कर पूरा हुआ और तब कंस्ट्रक्शन इंजिनियरिंग का एक अजूबा था।( video Sanfransisco Golden gate   cruise)
 यहीं से हमने अलकत्रास आयलैंड भी देखा, जहां एक लाइट हाउस और मिलिटरी जेल 1926 में बनाई गई।  भयंकर कैदियों को यहां रखा जाता था। पर अब तो इसका बस ऐतिहासिक महत्व रह गया है। यह जगह इतनी ठंडी और भयंकर थी कि सरकारी महकमा भी इसे अपने किसी काम के लिये लेना नही चाहता था। 1986 से इसे एक पर्यटन आकर्षण के तौर पर विकसित किया गया।  (Alcatras Video)
 मंगलवार  और बुधवार को शाश्वती ने हमारे लिये छुट्टी ली थी तो वह हमें मॉन्ट्रे बे ले गई। यह सैन होजे के दक्षिण में स्थित है। यहीं पर कैनरी रो के समुद्र तट पर फिशरमेन्स वार्फ औऱ बे एक्वेरियम भी हैं।  किसी समय यह मॉन्ट्रे पहले मेक्सिकन केलिफोर्निया की राजधाऩी हुआ करती थी। तब मेक्सिको भी स्पेन का उपनिवेश था। यह जगह भी उन्होनें ही सबसे पहले खोजी थी। वहां हमने बे पार्क की सैर की और एक ऐतिहासिक म्यूजियम देखने गये पर  वह बंद था। ( Montrey bayविडियो)।

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फिर हम गये सतरा मील लंबी सुंदर ड्राइव पर (17 miles Scenic drive) । हम जब पहले यहां आये थे तब भी  यहां कार से घूमे थे। तब नापा वैली और लेक टाहो भी गये थे। पर इस समंदर के किनारे किनारे चलने वाली सडक पर सुंदर सुंदर पॉइन्टस बहुत अच्छे लगते हैं। हमने शुरु किया पैसिफिक ग्रोव से। हकलबेरी हिल, पेस्काडेरा पॉइन्ट, स्पेनिश बे, सनसेट पॉइन्ट के अलावा लोन साइप्रस, घोस्ट ट्री, पेबल बीच, सील रॉक और बर्ड रॉक भी हैं। (विडियो)

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 लोन साइप्रस एक अकेला पेड है जो समंदर के अंदर तक गये एक टीले पर खडा है। 
घोस्ट ट्री एक सूखा सा साइप्रस का पेड है जो प्रकृती की मार झेलता हुआ एकदम सफेद हो गया है। शायद शाम के धुंधलके में भूत की तरह लगता हो।
बर्डरॉक नामक टीले पर कोरमोरान्ट और पेलिकन पक्षी आराम पर्माते देके जा सकते हैं। ये पक्षी हमने भरतपुर के पक्षी अभयारण्य में भी देखे थे।
सील रॉक पर खूब सारी सील्स आराम फर्माते हुए धूप सेंक रही थीं।
पेबल बीच पर ही है पेबल बीच लॉज जहां गोल्फ के रसिक लोग रुकते हैं और वे भी जो घूमने फिरने में आराम गाह की चाह रखते हैं। यहीं है जगद्विख्यात गोल्फ कोर्स । (विडियो)
स्पेनिश बे एक सुंदर समुद्रतट है। हकलबेरी हिल् पर शायद हकलबेरी की झाडियां होंगी । (फोटो)
ऐसे चलते चलते फिर हम पेबल बीच पर रुके और वह सुंदरसा लॉज देखा बाहर से ही। फिर चले और केलिफोर्निया राउट 101 पर निकल आये।
एक दिन हमने मराठी सिनेमा भी देखा बडी अलग सी कहानी थी थोडी मनोविज्ञान की झलक लिये हुए। बाज़ार जाना तो आते जाते हो ही जाता था। ऐसा लगा मानो हिंदुस्तान पहुंच गये हों।
एक और दिन शाश्वती हमें ले गई साइन्स म्यूजियम दिखाने । वहां काफी रोचक जानकारी मिली। वहां काफी मजेदार चीजें देखने को मिली  आप भी आनंद लें।( Science Museum)विडियो)
इस पूरे सफर में हमने महीना लगाया क्यूं कि अपनों के यहां रुकने की व्यवस्था थी नही तो शायद 8-10 दिन में ही सब निबटाना होता। इस तरह पहले कुसुम ताई के यहां और फिर मकरंद और शाश्वती के यहां मजे किये और फिर 23 तारीख को सुबह सुबह की (6 बजे) उडान से अपने घर वापिस।

(समाप्त)
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