बुधवार, 17 अक्तूबर 2012

बुराई पर अच्छाई की विजय



बुराई पर अच्छाई की विजय आसान नही होती
बिना हौसले हिम्मत के आन बान नही होती ।
दुर्गा मैया ने, श्री राम ने किया नौ दिन संग्राम
तब जाकर विजय का हुआ सिंहनाद ।
मधु, कैटभ, महिषासुर ,शुंभ, निशुंभ,
चंड मुंड, रक्तबीज,
खर, दूषण, ताडका,
कुंभकर्ण,रावण
कितने  शत्रू संहारे
जन मुक्त किये बेचारे
तब जाकर हटे पहरे
सीता मैया को किया मुक्त
रावणसे ।
पृथ्वी को असुरों से 
पर रावण कहां खत्म हुआ न ही हुए खत्म असुर
अब तो हम में से हर पुरुष को बनना होगा राम और हर नारी को दुर्गा
क्यूं कि बुराई पर अच्छाई की विजय आसान नही होती ।।

चित्र गूगल से, साभार ।

18 टिप्‍पणियां:

रविकर ने कहा…

सौ दिन जीते बुरा पर, इक दिन जीते सत्य |
बुरा हमेशा त्याज्य है, सत्य हमेशा पथ्य |
सत्य हमेशा पथ्य, कठिन यह डगर हमेशा |
हो सकता उड़ जाय, बदन का रेशा रेशा |
फिर भी रविकर सत्य, बिना नहिं जीवन बीते |
क्या लम्बी जिंदगी, सही से सौ दिन जीते ||

Suman ने कहा…

पर रावण कहां खत्म हुआ न ही हुए खत्म असुर
अब तो हम में से हर पुरुष को बनना होगा राम और हर नारी को दुर्गा
क्यूं कि बुराई पर अच्छाई की विजय आसान नही होती ।।
सार्थक सन्देश दिया है आभार ताई ...नवरात्री की शुभकानाएँ ...

Arvind Mishra ने कहा…

अच्छी रचना -अंततः सत्य ही विजयी होता है !

रविकर ने कहा…

उत्कृष्ट प्रस्तुति शुक्रवार के चर्चा मंच पर ।।

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

शान्ति तो विजय के बाद ही आती है...

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

नवरात्रि पर शुभकामनायें.

sushma 'आहुति' ने कहा…

बहुत सुंदर रचना प्रभावशाली प्रस्तुति...

Reena Maurya ने कहा…

बुराई पर अच्छाई की विजय आसान नहीं....
पर जीत अंत में अच्छाई की ही होती है..
:-)

mridula pradhan ने कहा…

अब तो हम में से हर पुरुष को बनना होगा राम और हर नारी को दुर्गा
क्यूं कि बुराई पर अच्छाई की विजय आसान नही होती ।। bilkul theek......

kshama ने कहा…

अब तो हम में से हर पुरुष को बनना होगा राम और हर नारी को दुर्गा
क्यूं कि बुराई पर अच्छाई की विजय आसान नही होती ।।
Haan....is duniya me jeena ho to yahee zarooree hai!

डॉ. मोनिका शर्मा ने कहा…

सत्य विजयी हो तो विश्वास भी बना रहे ..... बहुत सुंदर रचना

Rakesh Kumar ने कहा…

बहुत सही कहा आपने आशा जी.

सुन्दर ,सार्थक और सशक्त प्रस्तुति.
नवरात्रि की हार्दिक शुभकामनाएँ.

Rajesh Kumari ने कहा…

बहुत सुन्दर सार्थक सन्देश देती रचना दुर्गाष्टमी, दशहरा की बधाइयां आपको

सतीश सक्सेना ने कहा…

आपको दशहरे की बधाई , अमन प्रफुल्लित रहे, हँसती रहें !
मंगल कामनाएं !

mahendra verma ने कहा…

अब तो हम में से हर पुरुष को बनना होगा राम और हर नारी को दुर्गा
क्यूं कि बुराई पर अच्छाई की विजय आसान नही होती ।।
विजयादशमी की शुभकामनाएं।

Kailash Sharma ने कहा…

बहुत सुन्दर और सार्थक अभिव्यक्ति..

Kumar Radharaman ने कहा…

तब लड़ाई आसान थी क्योंकि वह बाहर थी। अब असुर स्वयं हमारे भीतर ही है। हमारे राम और दुर्गा बनने के राह की सबसे बड़ी बाधा यही है।

रचना दीक्षित ने कहा…

अब तो हम में से हर पुरुष को बनना होगा राम और हर नारी को दुर्गा
क्यूं कि बुराई पर अच्छाई की विजय आसान नही होती.

सच कह रही है