शुक्रवार, 13 अप्रैल 2012

बेटियाँ


गर्मी में खुशबू वाली, हवा सी, ये बेटियाँ,
सर्दी की धूप गुनगुनी जैसी ये बेटियाँ ।

घर में सुरों की तान सी बहती ये बेटियाँ,
हर रोज़ एक कहानी कहती ये बेटियां ।

जीवन के रंग भी और मिठास बेटियाँ,
हर दिन रचती कोई इतिहास बेटियाँ ।

हर घर का रूप, रंग, और लावण्य बेटियाँ,
कोशिश हमारी हो कि हों सम्मान बेटियाँ ।

ममता की मूरती तो होंगी ही बेटियाँ,
बनें अपनी और हमारी ताकत भी बेटियाँ ।

हों देवी शारदा की उपासक भी बेटियाँ,
करें नाम अपना रोशन दुनिया में बेटियाँ ।

बेटों को हम सिखायें मान करना बहन का,
बेटों से कम कहीं नही, होती हैं बेटियाँ।

नज़ाकत तो मिली है सौगात में इन्हे,
बनें खुद ही अपनी रक्षक हमारी ये बेटियाँ

अपनी हो या पराई हर नारी है इन्सान,
बेटी तेरी या मेरी, इक सी है बेटियाँ ।

तब ही प्रगत और सभ्य देश, ये कहायेगा,
निशंक और निडर जब चल पायें बेटियाँ ।

बेटियों को गर्भ में ही मारने वालों,
दुनिया ही मिट जायेगी जो होंगी न बेटियाँ ।

27 टिप्‍पणियां:

डा. अरुणा कपूर. ने कहा…

बेटियाँ सही में इतनी गुणवती होती है!...नारियों का सम्मान ही बेटियों का सम्मान है!...बहुत सुन्दर रचाना!...आभार!...बैशाखी की शुभकामनाएं!

kshama ने कहा…

Betiyon pe likhi rachana padhtee hun to khush bhee hoti hun aur udas bhee.

Suman ने कहा…

बेटियों को गर्भ में ही मारने वालों,
दुनिया ही मिट जायेगी जो होंगी न बेटियाँ ।
sahi kaha sundar rachna ...

Arvind Mishra ने कहा…

सुबह की मलयज समीर हैं बेटियाँ -बहुत सुन्दर कविता !

सतीश सक्सेना ने कहा…

बेटियों से प्यारा यहाँ कौन है ...??
वे हैं तो हमारा अस्तित्व है !
आभार अच्छी रचना के लिए !

रविकर फैजाबादी ने कहा…

बेटियों को मिलती जा रही कामयाबी |
बेटों के बराबर स्थान |
और आगे जाएँगी बेटियां |
उनके गुण पहुंचाएंगे उन्हें उनकी मंजिल तक |
सशक्त प्रस्तुति |
बधाई दीदी ||

Vaanbhatt ने कहा…

स्त्री के सभी रूप ममता और वात्सल्य से परिपूर्ण हैं...माँ, बहन, बीवी और बेटी...जिसमें बेटी स्वयं का सृजन है...उसका असम्मान कैसे कोई कर सकता है...

भारतीय नागरिक - Indian Citizen ने कहा…

बेटियों के लिए बड़ा ही सुन्दर तोहफा.

शिवम् मिश्रा ने कहा…

आज के दौर मे ऐसी ही पोस्टो की बेहद जरूरत है ... बात निकलती है तो दूर तक जाती है ! समाज मे जागरूकता बेहद जरूरी है !

इस पोस्ट के लिए आपका बहुत बहुत आभार - आपकी पोस्ट को शामिल किया गया है 'ब्लॉग बुलेटिन' पर - पधारें - और डालें एक नज़र - किसी अपने के कंधे से कम नहीं कागज का साथ - ब्लॉग बुलेटिन

परी देश की शह्जादी ने कहा…

बेटियों पर लिखी सुन्दर रचना....मुझे भी बेटियों से बहुत लगाव है....

Mukesh Kumar Sinha ने कहा…

pyar barsati betiyan...:)
pyari see rachna.

प्रवीण पाण्डेय ने कहा…

सच में बहुत प्यारी हैं बेटिया, उन्हें किसी भी प्रकार से बचाना है।

S.M.HABIB (Sanjay Mishra 'Habib') ने कहा…

सशक्त सार्थक... बहुत सुन्दर रचना....
सादर.

अनुपमा पाठक ने कहा…

सुन्दर रचना!

पंछी ने कहा…

satya vachan :)

Ruchi Jain ने कहा…

nice one...

दर्पण ने कहा…

betiyo ke saath saath samaaj me mojuud maanavata ko bhii vikrati svaruup pradaan karehae, ese log.saarthk prastuti

vikram7 ने कहा…

बेहतरीन रचना

Kailash Sharma ने कहा…

हर घर का रूप, रंग, और लावण्य बेटियाँ,
कोशिश हमारी हो कि हों सम्मान बेटियाँ ।

....बहुत सार्थक प्रस्तुति.. बेटियों का प्यार वही जानते हैं जिनके घर में बेटियां हैं..काश सभी यह समझ पायें...

P.N. Subramanian ने कहा…

अकाट्य. "बेटियों को गर्भ में ही मारने वालों,
दुनिया ही मिट जायेगी जो होंगी न बेटियाँ"
यही परम सत्य है.

sm ने कहा…

बहुत सुन्दर रचाना

सदा ने कहा…

गर्मी में खुशबू वाली, हवा सी, ये बेटियाँ,
सर्दी की धूप गुनगुनी जैसी ये बेटियाँ ।

घर में सुरों की तान सी बहती ये बेटियाँ,
हर रोज़ एक कहानी कहती ये बेटियां ।
बेटियों के लिए बहुत ही प्‍यारे जज्‍बात ।

mehhekk ने कहा…

bahut mamrmik.

mehhekk ने कहा…

bahut mamrmik.

astro.slm ने कहा…

बहूत ही सुन्दर और मार्मिक , दिल को छू जाने वाली रचना ||||||||

astro.slm ने कहा…

बहूत ही सुन्दर और मार्मिक , दिल को छू जाने वाली रचना |||||||||||||||\

astro.slm ने कहा…

बहूत ही सुन्दर और मार्मिक , दिल को छू जाने वाली रचना ||||||||