सोमवार, 21 सितंबर 2009

घुमक्कडी -8 –बॉन्डी बीच, हाइड पार्क



आज हमें सिडनी का फेमस बॉन्डी बीच देखना था और ट्रेन से जाना था टाउनहॉल स्टेशन तक और वहां से एक और ट्रेन लेकर बॉन्डी जंक्शन तक । यह एक नया अनुभव लेना था हमें, तो एक्साइटेड थे सब के सब । तो पहुंचे वायतारा स्टेशन और पता लगाया कि वायनार्ड के बजाय टाउन हॉल उतरना ठीक रहेगा और वहीं से दूसरी ट्रैन मिल जायेगी बॉन्डी जंक्शन के लिये । वहां से शायद पास ही होगा सोच कर निकल पडे घर से । vdo1 ( देखें विडियो )

वायतारा स्टेशन जो कि पास ही था वहां से ट्रेन ली टाउन हॉल तक । क्या ट्रेन थी, तीन लेवल थे इसमें और एक डब्बे में कम से कम 80 व्यक्तियों के लिये बैठने की व्यवस्था थी । vdo2 ( देखें विडियो )



जहां बस से हमे एक घंटा लगता ट्रेन ने हमें आधे घंटे में पहुंचा दिया । टाउन हॉल पे उतरे तो पता चला बॉन्डी जंक्शन की ट्रेन हमें 5 लेवल नीचे से मिलेगी । पाताल में जा रहे हों एसा लग रहा था । और यहाँ हमारा हिन्दुस्तानी दिमाग बिल्कुल नही चलाना चाहिये कि नीचे जाना हे तो कैसे भी चले जायें थोडा और नीचे उतर कर पहुंच जायेंगे । ऐसा नही होता विशेष प्लेटफॉर्म के लिये सूचना के अनुसार ही जाना चाहिये नही तो 2-3 बार आप ऊपर नीचे ही करते रहेंगे । तो उस पाताली प्लेट फॉर्म पर से हमने बॉन्डी जंक्शन की ट्रेन पकडी (विडियो) । कोई 15- 20 मिनिट में बॉन्डी जंक्शन आ गये वहां से पता चला कि बस मिलेगी बीच के लिये ।बस के टिकिट हमें स्टेशन पर ही मिल गये । बस के नंबर थे 381 और 383 । स्चेशन से बाहर आकर ही बस स्टैन्ड मिल गया । बस भी आ गई तो बस से पहुंच गये बॉन्डी बीच । vdo3 ( देखें विडियो )

हम थोडे आगे निकल आये तो उसका फायदा उठाते हुए हमने एक दूकान से कुछ सेब खरीद लिये कि बीच पर भूख लगेगी तो खा लेंगे । और फिर पैदल चल कर बीच पर आ गये क्या बीच था. महीन सफेद रेत, पांव के नीचे से फिसलती हुई । और लहरें ऐसी तेज तेज कि पानी नही दूध हो ऐसे लगता था । ये है ही सिडनी का सबसे फेमस बीच रेशमी रेत साफ सुथरा किनारा और नीला हरा पानी जैसे नीलम और पन्ने को घोल कर बनाया गया हो । इसे सिडनी का कोस्टल रिसॉर्ट कहा जाता है । दिन भी बहुत सुंदर था धूप खिली थी । vdo4 ( देखें विडियो )

लोग सर्फिंग कर रहे थे कुछ तैर भी रहे थे और कुछ हमारी तरह बीच पर टहल रहे थे। हां टहलना, सींपियाँ जो ज्यादा थी (पर पर 7-8 जितनी भी मिलीं थीं बहुत नाजुक सी) नही इकठ्ठी करना और तस्वीरें लेना भी अपने आप मे एक मुकम्मल क्रियाकलाप है । तो काफी टहले बीच पर, बडी सुंदर मनभावन हवा चल रही थी । प्रकाश और जयश्री दूर तक आगे निकल गये और फिर वापसी पर प्रकाश तो चल कर आये पर जयश्री ने ये दूरी दौड कर तय की । उसे शुरू से ही बोन्डी वीच जाने का बडा उत्साह था । लहरें काफी तेज थीं और फूटने पर फेनिल हो जाती थीं । vdo5 ( देखें विडियो )

बहुत देर तक लहरों का आनंद उठाने के बाद हमने एक बेन्च ढूंढा और उस पर बैठ कर अपनी सैंडविचेज़ खाईं सेब भी खाये । सी-गल्स यहां भी काफी थे । फिर बीच से पैदल चल कर बस स्टैंड तक गये और वहां से स्टेशन और दो ट्रेन बदल कर घर । vdo6 ( देखें विडियो )

घर आकर रोज की तरह चाय पी और फिर खाना वाना खाकर आराम से सोफे पर पसर कर रेड-वाइन के साथ दिन भर की शूटिंग देखी आप भी आनंद उठाइये (विडियो) । दूसरे दिन हमें ऑस्ट्रेलियन-म्यूजियम देखना था ।
आज 28 जुलै है । सुबह उठे और रोजाना की तरह सब जल्दी जल्दी तैयार हो गये । आज भी हमें ट्रेन से टाउनहॉल और वहां से दूसरी ट्रेन लेकर सेंट जेम्स स्टेशन जाना था । जहां उतर कर हमें हाइड पार्क से होकर म्यूजियम जाना था । हाइड पार्क बहुत ही खूबसूरत जगह है । विडियो देख कर आपको मेरी बात का अवश्य विश्वास हो जायेगा । जाते ही दिखा एक बहुत ही खूबसूरत फव्वारा जैसे कोई मोर अपने पूरे पंख फैला कर नाच रहा हो । ( देखें विडियो ) vdo7

उस से आगे चलते हे गये तो एक सुंदर सा केथीड्रल । बगीचा तो बहुत ही सुंदर, हरी भरी घास और तरह तरह के फूल खिले हुए। आगे चल कर देखा तो एक गोल सी छोटे स्टेडियम जैसी दिखने वाली जगह थी जिसके बीचों बीच एक गोल बना हुआ था जो असल में एक फव्वारा ही था जहां जमीन में से ऊपर को पानी फेका जा रहा था । इतना सुंदर सब कुछ हो और तस्वीरें ना खींचे ये कैसे होता तो खींची और खूब खींची । आगे चलते गये तो दो खूबसूरत पक्षी दिखे (शायद आयबिस) जिनका नाम हमें मालूम नही था वे तो खाने की तलाश में थे और हम उनके पीछे पीछे । Vdo8 (विडिओ देखें)

उनकी आवाज भी टेप हो गई
तो चल कर हम पार्क के म्यूज़ियम वाले सिरे पर आ गये । सामने ही म्यूज़ियम की बडी सी इमारत दिखाई दी थी तो रोड क्रॉस किया और पहुंच गये गेट पर ।
(क्रमश:)
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