गुरुवार, 9 अक्तूबर 2008

दशहरा

कोई भी केवल राम नही
है सिर्फ न कोई रावण
दोनों ही हैं अपने अंदर
दोनो ही अपने तन मन

आज दशहरे के अवसर पर
और रोज ही इसके आगे
भीतर का रावण जीतें हम
चाहे वह कितना ही भागे

तभी मना पायेंगे हम
सही माने में दशहरा
और बाधेंगे अपने सिर पर
राम के जीत का सेहरा

आज का विचार
अच्छी खबर ये है कि बुरी खबर अच्छी में बदली जा सकती है ।

स्वास्थ.सुझाव

वृक्क (किडनी) की पथरी तोडने के लिये चार भिंडी काट कर एक ग्लास पानी में डाल कर रात भर
छोड दें. दूसरे दिन सुबह भिडी को उसी पानी में मसल लें और पानी छान कर खाली पेट पी लें। ऐसा १०-१५ दिन करें पथरी टूट कर निकल जायेगी ।
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