गुरुवार, 8 मई 2014

गर्मी के कुछ त्रिदल


तेज धूप गर्म हवा
पसीने से लथपथ काया
ग्रीष्म की माया।

मटके का ठंडा पानी,
हवा की एक लहर
लगे अमृत सी।

बिजली गुल पंखे बंद
टी. वी. नही तो क्या रंजन
कृपा सरकार की।

आम तरबूज खरबूजे
किसी के खस के परदे से
आई ठंडी हवा।

शरबत आइसक्रीम लस्सी
मलाई वाली कुल्फी
मज़े गर्मी के।

लेटकर पढो किताब
या लगालो सुलांट
अहा आई छुट्टी।

सिमला ऊटी या नैनीताल
या स्वित्झरलैंड का कमाल
हिसाब पाकिट का।

अभी कैसा घूमना
बच्चों के इम्तहां
फ्रोफेशनल कॉलिज के.




चित्र गूगल से साभार।
एक टिप्पणी भेजें