सोमवार, 4 जून 2012

चलते चलो रे २ -सफर चार राज्यों का और पहुंचना यलोस्टोन (वायोमिंग)



सुबह साढेपांच बजे उठ कर तैयार हुए । नाश्ता सीरीअल का ही कर लिया ताकि ज्यादा समय ना लगे । आठ बजे तक निकलने का सोच लिया था ताकि समय से गंतव्य पर पहुंच जायें । यह कोई ६ घंटों की ड्राइविंग निकली हालांकि बताय़ा गया था कि ४-५ घंटे की है ।  हमारे रिसॉर्ट से कॉटनवुड केनिय़न रोड लेकर आगे २०९ नॉर्थ लिया फिर लिया २१५  नॉर्थ सॉल्ट लेक सिटि से लिया ८० वेस्ट और फिर १५ नॉर्थ जो कि इंटर स्टेट रोड है । यह सोचा था कि एक रात और एक दिन यलोस्टोन पार्क में रह कर, आते हुए सॉल्ट लेक पर रुकते हुए आयेंगे । सॉल्ट लेक समंदर से भी ज्यादा नमकीन ताल(?) है

.यह रास्ता चार राज्यों से होता हुआ जाता है । यूटा, आयडाहो, मॉन्टाना और वायोमिंग ।  यूटा काफी अलग सा लगा रेगिस्तानी सा हरियाली काफी कम है .यहां । अब तक देखी सुंदर अमरीका से निराला । पहाडी तो है पर हरा भरा नही । यूटा के बाद लगा आयडाहो । हमने यहां के वेलकम सेंटर से कुछ ब्रॉशर उठा लिये थे । इसमें आयडाहो फॉल का चित्र देख कर मन ललचा उठा देखने को । पर सोचा जो तय है वही पहले करेंगे । यहां खेत दिखे हरे भरे । यहां आलू की खेती बहुत की जाती है । यहां के आलू अमरीका भर में बिकते हैं । आप अगर अमरीका में रहते हों तो आयडाहो पोटेटोज का बैग जरूर खरीदा होगा । ये आलू ज्यादा तर बेक्ड आलू बनाने के लिये इस्तेमाल किये जाते हैं ।


गैस (पेट्रोल) लेना था तो एक गैस स्टेशन पर रुके । जगह का नाम था अरीमो । गैस भी लिया और कॉफी पीने अंदर चले गये । गैस स्टेशन पर ये सुविधा होती ही है । भूख लगी थी देखा तो एक अलग तरह के फ्रेंच फ्राइज रखी थीं, उनका नाम था क्रॉस-कट-फ्राइज । कुछ कुछ जाली वाले चिप्स जैसी पर मोटी प्रेंच फ्राइज़ की तरह । बहुत ही टेस्टी थीं,  सीझनिंग तो कमाल की थी । तो ६ लोगों के लिये अलग अलग सर्विंग ले लिये । हमने उनसे पूछा भी कि क्या सीझनिंग है पर काउंटर वाली ल़डकी को कुछ पता नही था । ऐसे ही मौज मस्ती में सुहास का ड्राइविंग का स्ट्रेस कम करते हुए हमारा सफर चल रहा था ।



यहां हमने सिंचाई की गजब सिस्टिम देखी । अपने आप सारे खेत को मजे से पानी जा रहा था । आप भी देखिये । यूटा के बाद मोन्टाना लगा यहां पहुंचते पहुंचते पूरे ६ घंटे लग गये थे । हमारा होटेल मोन्टाना में ही था नाम था
ग्रे वूल्फ इन यानि भूरे भेडियों का बसेरा । चैक इन करने गये तो वहां स्वागत टेबल पर जो बंदा था वह मार्टिन्सबर्ग का ही निकला वहां समर जॉब करने आया था । वह भी वहां टीचर था एक स्कूल में । सुहास की और उसकी तो बातें ही खतम ना हों फिर उसीने कहा कि आप जल्दी से फ्रेश हो कर निकलें तो अभी भी पार्क का एक हिस्सा देख सकते हैं । होटल अच्छा था कमरे बडे और साफ थे और सुंदर भी । हमेशा की तरह हम तीनों महिलाएं एक कमरे में और वे तीनो पुरुष दूसरे में ऐसा बंटवारा था । चाय के पैकेट रखे मिल गये तो चाय पी और रवाना हुए । विजय बहुत थक गये थे तो कमरे में ही आराम के लिये रुक गये .

पहले फॉरेस्ट डिपार्टमेन्ट में जाकर पास बनवाया । १० डॉलर में एक गाडी का पास ( वह भी हर नेशनल पार्क के लिये वेलिड और जीवन भर के लिये ) पर ये सुविधा सिर्फ सीनियर सिटिझन्स के लिये थी । हम गाडी लेकर जैसे कि स्वागत डेस्क पर बताया था पार्क के पश्चिमी भाग के लिये चल पडे । सुंदर रास्ता, बीच बीच में दिखते विशाल काय बायसन और सुंदर स्वच्छ मेडिसन नदी और हरियाली भी । मन प्रसन्न हो गया । (विडियो)
यह यलोस्टोन नेशनल पार्क शुरू होता है मॉन्टाना (राज्य) में पर इसका बहुत बडा हिस्सा वायोमिंग (राज्य) में है । यह इलाका ज्वालामुखी का इलाका है । इसके बारे में कहते हैं कि इसका भूत, भविष्य और वर्तमान सब ज्वालामुखीय है और कभी भी विस्फोट हो सकते हैं पर फिर भी विरोधाभास देखिये कि अंदर क्रोध से उबलती धरती बाहर से शांत सुंदर, हरीभरी और जीव-जंतुओं को पालती दिखती है ।


आगे चल कर बहुत से छोटे बडे गर्म पानी के फव्वारे देखे । इन्हे गाइज़र कहते हैं । एक छोटा सा परंतु गोलाकार फव्वारा था जो सतत चल रहा था इसका नाम था बिस्किट बेसिन । पानी इनमें इतना अधिक गरम होता है कि बाहर निकलते ही भाप बन जाता है, बहुत से फव्वारों से सिर्फ भाप ही दिखाई दे रही थी । एक जगह एल्क नामक हिरन देखे और देखा कोयोडि जो कि लकडबघ्घे की तरह होता है पर आकार में लोमडी की तरह । विडिया)


पर हमें तो तलाश थी ओल्ड फेथफुल की जो यहां का सबसे बडा गर्म पानी का फव्वारा है और एक एक घंटे के अंतराल से जागृत होकर जोर से फूटता है । तो वहां पहुंचे । बैठ गये, मना रहे थे कि जल्दी ही चालू हो जाये पर सिर्फ भाप ही भाप थी । पर सब बैठ कर धैर्य से प्रतीक्षा कर रहे थे तो हम भी बैठे रहे ।  कोई पौने घंटे बाद जोर जोर से भाप निकलनी शुरु हुई लगा कि बस अब देखेंगे वो अद्भुत नज़ारा पर कहां भाप ही भाप बस । थोडी सी निराशा हुई । इतने में एक बार पानी जोर से उछला पर फिर भाप । ऐसा पांच, छै बार हुआ । करते करते फिर पानी का ऐसा जोरदार फव्वारा छूटा कि आंखे तृप्त हो गईं। नज़ारा देखते ही बनता था । पूरा घंटा लगा दिया बंदे ने प्रतीक्षा करवाने में। मनुष्य के मन में जैसे क्रोध दबा रहता है और मौका मिलते ही फूट पडता है कुछ वैसे ही लग रहा था ये । गरमा गरम पानी कोई ३० फीट ऊंचाई तक ऊपर जा रहा था । देर तक हम विडियो खींचते रहे । आप भी देखिये ।


फॉल देख कर फिर मैकडॉनल्ड में लंच किया रात के लिये फ्रोजन डिनर खरीदा और वापिस, पर प्रकाश की रेड वाइन कैसे भूलते, ना भूले जी ।  कल बचा हुआ पार्क देखना था जो कि बडा हिस्सा था और दूरी भी बहुत ज्यादा थी । तो यही सोचा कि कल रात भी यहीं रुक जाते हैं ताकि वापसी की जल्दी ना हो और यह तो अच्छे से देख लें । मै तो रात को उठती नही पर जो लोग उठते हैं उन्हें काफी परेशानी हुई क्यूं कि किसी कारण वश पूरी रात (१ बजे से ५ बजे तक )बिजली ही नही थी, अमरीका में पॉवर कट पहली बार देखा ।

 (क्रमशः) 
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